मध्यप्रदेश के रीवा जिले से पर्यावरण के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुके गिद्धों की संख्या में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं।

Rewa Vulture Count 2026: मध्यप्रदेश के रीवा जिले से पर्यावरण के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। विलुप्ति की कगार पर पहुंच चुके गिद्धों की संख्या में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। प्रदेशव्यापी गिद्ध गणना 2026 के दूसरे दिन रीवा वनमंडल में कुल 622 गिद्ध दर्ज किए गए। पहले दिन यह संख्या 484 थी। यानी सिर्फ दो दिनों में 138 गिद्धों की बढ़ोतरी ने वन अमले को उत्साहित कर दिया है।

वन विभाग के अनुसार 20 फरवरी से शुरू हुई इस गणना में सुबह 6:30 से 8:30 बजे तक टीमें जंगलों में सर्वे कर रही हैं। दूसरे दिन की काउंटिंग के दौरान 30 सक्रिय घोंसले भी मिले, जहां गिद्धों का कुनबा विश्राम करता पाया गया।

रेंजवार आंकड़े

  1. सेमरिया: 299
  2. हनुमना: 136
  3. सिरमौर: 109
  4. डभौरा: 46
  5. अतरैला: 19
  6. रीवा: 8
  7. मऊगंज: 5
  8. चाकघाट: 0

कुल: 622

सबसे ज्यादा गिद्ध सेमरिया रेंज में दर्ज किए गए, जहां अकेले 299 गिद्धों की मौजूदगी मिली।

ये प्रजातियां आईं नजर
गणना के दौरान जंगलों में कई प्रमुख प्रजातियां देखी गईं, जिनमें

  1. Indian Vulture
  2. Whie-rumped Vulture (सफेद पीठ वाला गिद्ध)
  3. Cinereous Vulture (काला गिद्ध)
  4. Egyptian Vulture

सेमरिया में चारों प्रमुख प्रजातियां दर्ज की गईं। हनुमना में इंडियन और व्हाइट बैक्ड गिद्ध दिखे, जबकि डभौरा में इंडियन लॉन्ग-बिल्ड और इजिप्शियन गिद्ध पाए गए।

हाईटेक तरीके से हो रही गणना
इस बार वन विभाग ने मोबाइल ऐप के जरिए हाईटेक सर्वे पद्धति अपनाई है। वनकर्मियों के मोबाइल में अपलोड किए गए ऐप में 12 तरह की जानकारियां फीड की जा रही हैं। यह डेटा सीधे भोपाल मुख्यालय भेजा जा रहा है, जिससे मॉनिटरिंग और विश्लेषण आसान हो गया है।

तीसरे दिन की गणना अभी शेष है। तीनों दिन के आंकड़े मिलाकर ही वास्तविक स्थिति साफ होगी। वन विभाग का मानना है कि संरक्षण अभियान के सकारात्मक परिणाम अब जमीन पर दिखने लगे हैं, जो पर्यावरण संतुलन के लिए अच्छी खबर है।