एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करते हुए लोगों के बैंक खाते से ऑनलाइन राशि निकालने तथा शॉपिंग करने वाले गिरोह का हरियाणा पुलिस ने पर्दाफाश किया। पुलिस ने 3 आरोपियों को मुंबई से काबू किया। पुलिस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

Haryana: एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करते हुए लोगों के बैंक खाते से ऑनलाइन राशि निकालने तथा शॉपिंग करने वाले गिरोह का हरियाणा पुलिस ने पर्दाफाश किया। सिरसा के साइबर पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र तथा एएसआई रंजीत सिंह ने मामले की गहनता से जांच पड़ताल करते हुए तीन आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया। इनमें से एक आरोपी डाकखाने में ठेके पर कार्यरत था जो अपने साथी आरोपियों को लोगों के एटीएम उपलब्ध करवाता था। आरोपियों की निशानदेही पर उनके पास से एप्पल फोन तथा 31 हजार रुपए की नगदी बरामद की। पकड़े गए तीनों आरोपियों को सिरसा अदालत में पेश किया, जहां से आरोपियों को जेल भेजा गया।

यह था पूरा मामला

13 सिंतबर 2023 को तलवाड़ा खुर्द निवासी शैफाली मेहता ने ऐलनाबाद के एक्सिस बैंक में खाता खुलवाकर करीब एक लाख 74 रुपए की एफडी के रुप में अपने खाते में जमा करवाए थे। 20 सितंबर 2023 को एटीएम वेरिफिकेशन करने के बहाने एक अज्ञात नंबर से कॉल आई और उसके बाद फोन करने वाले व्यक्ति ने शैफाली मेहता से ओटीपी नंबर लेकर उसके खाते से 1 लाख 73 हजार 400 रुपए निकाल लिए। इस संबंध में शेफाली मेहता ने हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई। इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद तोहिद आईसा मंजिल आंनद कोलीवाड़ा मुंबई, मोहम्मद तोसिफ निवासी मुबरा अमृनगर मुंबई व मोहम्मद जुनैद अली निवासी नूरी बाग संजय नगर मुंबई के रुप में हुई।

वारदात करने का तरीका

शिकायतकर्ता शैफाली मेहता के पास आरोपियों ने फोन कॉल कर एटीएम कार्ड पहुंचाने के बहाने उसके फोन पर आए ओटीपी नंबर लेकर उसके खाते का न्यू पिन नंबर जनरेट कर खाते से एक लाख 20 हजार रुपए का एप्पल का मोबाइल फोन खरीद लिया। साथ ही 50 हजार रुपए की राशि उसके खाते से निकाल कर 3400 रुपए का मोबाइल चार्ज करने वाला पावर बैंक खरीद कर उसका बैंक खाता खाली कर दिया। जांच के दौरान सामने आया कि पकड़े गए आरोपियों में मोहम्मद तौसीफ डाक खाने का कर्मचारी है और जो एटीएम डाक खाने में कस्टमर के पास भेजने के लिए आते थे, उन्हें कस्टमर के पास भेजने की बजाय अपने दूसरे साथियों को फ्रॉड के लिए दे देता था। पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि मोहम्मद तौसीफ एटीएम अपने अन्य साथियों को देने की एवज में प्रत्येक एटीएम के पांच हजार रुपए लेता था। गिरोह के अन्य साथी एटीएम हाथ में आने के बाद उक्त कस्टमर के दिए गए पते पर संपर्क कर एटीएम वेरीफिकेशन के बहाने ओटीपी नंबर पूछकर न्यू पिन जनरेट कर उसका खाता खाली कर देते थे।

पुलिस आरोपियों का खंगाल रही अपराधिक रिकार्ड

पुलिस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों का अपराधिक रिकार्ड खंगाल रही है। आरोपी तोहिद के खिलाफ तीन मामले, तोसीफ के खिलाफ एक अपराधिक मामला मुंबई में पहले से ही दर्ज है, जबकि तीसरे आरोपी जुनैद का अपराधिक रिकार्ड खंगाला जा रहा है। पुलिस प्रवक्ता ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से अपने मोबाइल फोन पर आने वाले ओटीपी को शेयर ना करें। ऐसा करके वे साइबर फ्रॉड का शिकार बन सकते हैं इसलिए लोग सावधान रहे।