हरियाणा के फतेहाबाद में आग से बर्बाद हुई फसलों का सर्वे प्रशासन ने पूरा कर लिया है। 17 गांवों में अप्रैल माह में आग से नुकसान का आंकलन किया गया है। अब किसान 1 मई तक ई क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपना दावा पेश कर सकते हैं।

आग से बर्बाद फसलों का मिलेगा मुआवजा :  प्रदेश सरकार ने गेहूं सीजन के दौरान अप्रैल में गेहूं व फानों में आगजनी के कारण हुए नुकसान का मुआवजा देने की घोषणा की थी। इस आदेश के बाद जिला राजस्व विभाग ने नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर ली है। राजस्व विभाग ने पाया कि अप्रैल माह में जिले के 17 गांवों में आगजनी के कारण सैकड़ों एकड़ में फाने व गेहूं की फसल जली है। किसान अपने नुकसान का क्लेम कर सकें, इसके लिए प्रदेश सरकार ने इन किसानों के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। यह पोर्टल 1 मई तक खुला रहेगा। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के बाद उपायुक्त ने जिले के सभी तहसीलदारों को निर्देश जारी कर कहा कि वह प्रभावित किसानों का नुकसान ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवाना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने यह भी कहा कि तहसीलदार व पटवारी इस नुकसान को पोर्टल पर वेरिफाई करना भी सुनिश्चित करें।

आज सर्वे का काम पूरा कर रिपोर्ट की तैयार

अप्रैल माह में गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाती है। ऐसे में खेतों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आने लगती हैं। जिले में इस बार अनेक जगह गेहूं की फसल और फानों में आगजनी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में किसानों ने उनके नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की थी। किसानों के नुकसान को देखते हुए सीएम नायब सिंह सैनी ने आगजनी से गेहूं की फसल को हुए नुकसान की भरपाई की घोषणा की थी। सीएम ने इस बारे प्रदेश के सभी उपायुक्तों से रिपोर्ट भी मांगी थी। इसके बाद प्रदेश के राजस्व व आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी उपायुक्तों को पत्र जारी कर नुकसान की रिपोर्ट भेजने को कहा था। इस पर डीसी के आदेशों के बाद जिला राजस्व विभाग ने तहसीलदार व पटवारियों के माध्यम से जिले में आगजनी की घटनाओं वाले गांवों को चिन्हित किया। यह काम शुक्रवार 25 अप्रैल को पूरा हो गया। डीआरओ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 17 गांवों में आगजनी की घटनाएं हुई हैं। डीआरओ की रिपोर्ट के बाद डीसी ने जिले के सभी तहसीलदारों को निर्देश जारी कर कहा है कि सम्बंधित गांवों के हलका पटवारी प्रभावित किसानों की गेहूं व अन्य फसलों के नुकसान को ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवाकर इसे वेरिफाई करें।

एक मई तक खुला रहेगा पोर्टल, नुकसान कर सकते हैं दर्ज

फतेहाबाद डीसी मनदीप कौर ने कहा कि  जिला राजस्व विभाग की रिपोर्ट की एक प्रति तहसीलदार फतेहाबाद, रतिया, टोहाना, उपतहसीलदार भूना, जाखल व कुलां को भेजकर निर्देश दिए गए हैं कि वह गांव के हलका पटवारी को हिदायत जारी करें कि जिन किसानों की गेहूं व अन्य फसल में नुकसान हुआ है, उसे क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवाना सुनिश्चित करें। पोर्टल पर वेरिफाई करें ताकि किसानों को मुआवजा मिल सके। जिला राजस्व अधिकारी शामलाल ने बताया कि अप्रैल माह में गेहूं की फसल में आगजनी की घटनाओं के बाद प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने पत्र लिखकर आगजनी के गांवों को चिन्हित करने को कहा था। इसके बाद जिले के सभी हलका पटवारियों व तहसीलदारों के मार्फत पूरा कर लिया गया है। इसमें पाया गया है कि फतेहाबाद के 17 गांवों में आगजनी से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। अब इन गांवों के किसान ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 1 मई तक अपने नुकसान का दावा दर्ज करवा सकते हैं। इसमें किला/खसरा नंबर, नुकसान, बैंक खाता नंबर सहित कई तरह की जानकारियां मांगी गई हैं। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया गया है। पोर्टल पर किसान 1 मई तक अपने दावे अपलोड कर सकते हैं।

फतेहाबाद के इन गांवों में हुआ नुकसान

तहसील                 गांव
फतेहाबाद             भिरड़ाना
फतेहाबाद             भूथनकलां
फतेहाबाद             बोदीवाली
फतेहाबाद             सिरढ़ान
रतिया                  अहरवां
टोहाना                 बोस्ती
टोहाना                सनियाना
टोहाना                दमकौरा
टोहाना                समैण
टोहाना                नांगला
भूना                   चन्द्रावल
भूना                   गोरखपुर
जाखल               नडैल
जाखल               कासिमपुर
जाखल              उदयपुर
जाखल              मुंदलिया
कुलां                 रहनखेड़ी

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