जशपुर जिले के सभी शासकीय कार्यालयों की हालत अत्यंत खराब है। हरिभूमि डॉट कॉम की टीम पड़ताल करने पहुंची तो सुबह 10 बजे जिला मुख्यालय के तकरीबन सभी कार्यालयों में ताला लटका दिखाई दिया।

खुर्शीद कुरैशी- जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर  जिले में शासकीय कार्यालय शनिवार को भी बंद रहते हैं। जबकि, सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश अनुसार सप्ताह में सिर्फ 5 दिन ही कार्य होने है। इसके साथ ही ऑफिस खुलने और बंद होने के टाइमिंग में बदलाव किए गए थे। जिसमें सभी शासकीय कार्यकाल सुबह 10 बजे तक खुल जाना और शाम के 5:30 बजे तक कार्य करना शामिल है। लेकिन यहां का हाल थोड़ा अलग है। जैसा कि, आप सभी जानते होंगे कि, इसमें राज्य के मंत्रालय, विभागाध्यक्ष कार्यालयों, सभी मैदानी कार्यालयों में शनिवार को भी अवकाश घोषित कर दिया गया है। 

अधिकारियों- कर्मचारियों की उपस्थिति सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक अनिवार्य कर दी गई है। लेकिन अधिकारी- कर्मचारी इसका पालन नहीं कर रहे हैं। जिसकी वजह शायद यहां का मौसम भी हो सकता है। सोमवार की हरिभूमि डॉट कॉम ने इसकी पड़ताल करने पहुंची तो सुबह 10 बजे जिला मुख्यालय के तकरीबन सभी कार्यालयों में ताला लटका दिखाई दिया। पता करने पर पता चला कि, 11 बजे के पहले यहां कोई कार्यालय नहीं खुलता है और ना ही कोई अधिकारी आते हैं। 

SDM ऑफिस में लटका था ताला, PWD ऑफिस में नहीं मिला कोई अधिकारी 

हमारी टीम सुबह 10 बजे जब SDM ऑफिस पहुंची तो यहां का ताला तक नहीं खुला था। पता करने पर पता चला कि यहां आते- आते लोगों को 11 बज जाते है। 2 पटवारियों और आरआई के दफ्तर में भी ताला लटका मिला। यहां का हाल थोड़ा और जुदा है, पता करने पर पता चला कि, यहां के अधिकारी कब आतें हैं और कब जाते हैं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। वहीं इससे आगे जब हम PWD ऑफिस पहुंचे तो यहां 10 बजे के बाद ऑफिस तो खुली थी। लेकिन यहां भी अधिकारी- कर्मचारी नहीं मिले। यहां वो मिले जो इंजिनियर साहब के चैंबर को नया बना रहे हैं। पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि 11 बजे तक ही कर्मचारी आते है। 

11 बजे के पहले नहीं आते PHE विभाग के अधिकारी- कर्मचारी 

PHE  दफ्तर में एक महिला कर्मचारी सफाई करते नजर आई. उसने बताया कि 11 बजे से पहले कोई नहीं आते हैं। 5 जनपद पंचायत जशपुर का कार्यालय में टेंट लगा कर लोग किसी चीज की तैयारी करते नजर आए। मगर यह सभी टेंट के कर्मचारी थे। यहां CEO का दफ्तर बंद पाया गया। इस तरह से बहुत सारे कार्यालयों की स्थिति देखी गई है। 

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कलेक्टर ने नहीं दिया कोई जवाब 

इस पूरे मामले को लेकर हमने कलेक्टर से व्हाट्सएप पर संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।