तेलंगाना में पोलित ब्यूरो सदस्य देवजी उर्फ तिरुपति ने 18 माओवादियों के साथ आत्मसमर्पण किया। गृह मंत्री विजय शर्मा ने इसे नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता बताया।

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से माओवाद के खिलाफ चल रहे सघन सुरक्षा अभियानों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। माओवादी संगठन के पोलित ब्यूरो मेंबर और केंद्रीय समिति के वरिष्ठ सदस्य देवजी उर्फ तिरुपति ने 18 अन्य माओवादियों के साथ तेलंगाना में आत्मसमर्पण कर दिया है। इसे माओवादी नेटवर्क के लिए अब तक के सबसे बड़े झटकों में से एक माना जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, लंबे समय से सुरक्षा बलों की लगातार बढ़ती दबिश, ऑपरेशनों की तेज रफ्तार और नेटवर्क पर हो रही सटीक चोटों के कारण माओवादी नेतृत्व के भीतर हताशा बढ़ती जा रही है। देवजी जैसे शीर्ष कमांडर का आत्मसमर्पण संगठन की रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक कमजोरी को उजागर करता है। देवजी वर्तमान में संगठन के सबसे बड़े और प्रभावशाली कमांडरों में गिने जाते थे। उनके आत्मसमर्पण से नक्सली संगठन की संरचना और संचालन क्षमता पर सीधा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

इन टॉप माओवादी कमांडरों ने भी किया आत्मसमर्पण

1. सुजाता उर्फ कल्पना उर्फ पोथुला पद्मावती (किसनजी की पत्नी) – CCM – 13.09.25, हैदराबाद (तेलंगाना)
2. मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ भूपति – PBM/CCM – 14.10.25, गढ़चिरौली (महाराष्ट्र)
3. सतीश उर्फ रूपेश उर्फ टक्कलपल्ली वासुदेव राव – CCM – 17.10.25, जगदलपुर (छत्तीसगढ़)
4. पुलुरी प्रसाद राव उर्फ चंद्रन्ना – CCM – 29.10.25, हैदराबाद (तेलंगाना)
5. रामदर मज्जी उर्फ सोमा – CCM – 08.12.25, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)
6. देवजी उर्फ तिरुपति – पोलित ब्यूरो सदस्य/CCM – 22.02.26, तेलंगाना

बचे हुए नक्सली अभी भी मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं- गृह मंत्री शर्मा
इधर गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस विषय पर कहा कि, देवजी ने तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने बताया कि, नक्सल विरोधी अभियान तेज गति से जारी है और सशस्त्र नक्सलवाद अब अपने अंतिम दौर में है। उन्होंने कहा कि, बचे हुए नक्सली अभी भी मुख्यधारा से जुड़ सकते हैं। कुछ बड़े नक्सली जरूर बचे हैं, लेकिन वे सक्रिय नहीं हैं। गृह मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि, इनामी नक्सली संग्राम ने भी आत्मसमर्पण कर दिया है। उनके अनुसार, नक्सलियों का बड़ा किला अब ढह चुका है।