09 Jan 2024
स्नान करना, सिर धोना आम जीवन में बहुत जरूरी है। लेकिन शास्त्रों में इसके लिए कुछ नियमों का उल्लेख मिलता है।
महिलाओं की बात करें, तो सप्ताह में तीन दिन के अलावा कुछ खास मौकों पर बाल धोने की मनाही है। आखिर ऐसा क्यों है और इसका जीवन में क्या असर होता है? जानते हैं कि महिलाएं बाल कब धाएं और कब न धोएं-
अगर महिलाएं अमावस्या के दिन गलती से भी बाल धोती हैं तो पितृ दोष लगता है। जो घर की बरक्कत और तरक्की दोनों को रोकता है।
एकादशी के दिन अगर बाल धोती हैं तो सभी व्रत निष्फल हो जाते हैं। इस लिए बाल धोने से बचें।
अगर सूर्यास्थ के बाद बाल धोती हैं तो घर में गृह क्लेश और बीमारियां बढ़ती हैं साथ ही धन का भी नाश होता है। इस लिए बाल धोने से बचें।
पति के नौकरी या किसी शुभकार्य पर बाहर जाने के तुरंत बाद कभी भी बाल नहीं धोना चाहिए। इसका सीधा संबंध पति की आयु से है।
महिलाओं को पति के साथ संबंध बनाने के बाद बाल जरूर धोना चाहिए। इसके बाद ही पूजा करने का विधान है।
अगर पीरियड्स में हैं तो पूजा न करें, पीरियड्स के पांचवें दिन बाद ही बाल धोकर पूजा कर सकते हैं।
साथ ही गुरूवार, शनिवार और मंगलवार को बाल न धोएं, इस दिन बाल धोने से माता लक्ष्मी रूष्ट हो जाती हैं और आपके घर में कंगाली बनी रहती है।