20 Jan 2024
अब तक आपने एकादशी के दिन चावल ना बनाने के बारे में सुना होगा लेकिन, पुराणों के अनुसार कुछ ऐसे दिन भी होते हैं जिनमें रोटी बनाने की मनाही होती है।
आइए जानते हैं ऐसे मौके जब रोटी नहीं बनाना चाहिए।
नागपंचमी शास्त्रों के अनुसार, नाग पंचमी के दिन अपने घर के किचन में रोटी बनाना वर्जित है। नाग पंचमी के दिन चूल्हे पर तवा रखना अशुभ माना गया है। तवे को नाग के फन का प्रतिरूप माना गया है।
शीतलाष्टमी शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला देवी की पूजा होती है। हिंदू धर्म शास्त्रों के मुताबिक, इस दिन माता को बासी खाने का भोग लगाया जाता है।
मां को भोग लगाने के बाद खुद भी बासी खाना ही ग्रहण करना शुभ माना गया है। इस दिन घर में नया भोजन बनाने की मनाही होती है साथ ही इस दिन रोटी भी नहीं बनाई जाती।
शरद पूर्णिमा शास्त्रों में बताया गया है कि शरद पूर्णिमा के दिन घर में रोटी नहीं बनानी चाहिए। इस दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से दक्ष होता है।
इस दिन शाम के समय खीर बनाकर चांद की रोशनी में रखा जाता है और इसे अगले दिन सुबह प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। इसलिए इस दिन भी घर पर रोटी नहीं बनाई जाती।
मां लक्ष्मी के त्यौहार शास्त्रों में बताया गया है कि माता लक्ष्मी से संबंधित जो भी त्योहार आते हैं उस दिन घर में रोटी नहीं बनाना मनाही है।
इस दिन सात्विक भोजन पूरी, मिठाई, हलवा आदि बनाकर इसका सेवन किया जाना चाहिए और इस दिन घर में रोटी बनाने से बचना चाहिए।
मृत्यु होने पर शास्त्रों में बताया गया है कि यदि घर में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो उस दिन भी घर में रोटी नहीं बनाना चाहिए। हिंदू धर्म में तेरहवीं संस्कार का विधान होता है।
ऐसा माना जाता है कि तेरहवीं संस्कार के बाद ही घर में रोटियां बनानी चाहिए।