नए हिट एंड रन कानून को लेकर की जा रही हड़ताल मंगलवार देर रात वापस ले ली गई। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों और सरकार के बीच सुलह होने के बाद हड़ताल वापस लेने का ऐलान कर दिया गया।

Truck drivers withdraw strike: हिट एंड रन के नए कानून को लेकर वाहन चालकों ने हड़ताल मंगलवार को वापस ले ली। केंद्र सरकार ने कहा है कि अभी 10 साल की कैद और जुर्माने का कानून लागू नहीं किया गया है। इसे लागू करने से पहले ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों से चर्चा की जाएगी। इसके बाद ट्रक ड्राइवर्स ने हड़ताल वापस लेने का फैसला लिया। ड्राइवरों की ओर से ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष अमृत लाल मदान ने इसका ऐलान किया।

ड्राइवर जल्द काम पर लौटें: भल्ला
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने देर रात कहा कि नया नियम अभी लागू नहीं होगा। इस नियम को लागू करने से पहले ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों से बातचीत की जाएगी। उन्होंने चालकों से जल्द काम पर लौटने की अपील की। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि हमने ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों से चर्चा की है। सरकार कहना चाहती है कि भारतीय न्याय संहिता 106/2 को लागू करने से पहले ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। इसके बाद ही इस कानून को लागू करने के बारे में कोई फैसला लिया जाएगा।

आप सिर्फ ड्राइवर ही नहीं हमारे सैनिक भी: मदान
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष अमृत लाल मदान ने केंद्र सरकार से सुलह होने के बाद हड़ताल कर रहे ड्राइवर्स से काम पर लौटने का आह्वान किया। मदान ने कहा कि आप सिर्फ हमारे ड्राइवर नहीं है। आप हमारे सैनिक भी हैं। हम नहीं चाहते कि आपको किसी तरह की असुविधा का सामना करना पड़ा।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नए हिट एंड रन कानून के तहत दस साल की सजा और जुर्माना वाले कानून को अभी लागू नहीं करने का फैसला किया है। ट्रांसपोर्ट कांग्रेस से अगली बैठक होने तक कोई कानून लागू नहीं होगा। 

हिट एंड रन का नया कानून क्या है?
संसद द्वारा पारित भारतीय न्याय संहिता में हिट एंड रन के मामलों के लिए विशेष प्रावधान है। इसके मुताबिक तेजी से गाड़ी चलाते हुए दुर्घटना घटती और ड्राइवर मौके से भागता है तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। नए कानून में  ऐसे मामले में 10 साल की कैद और 7 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। ड्राइवर्स का कहना है कि इस कानून से उनकी मुश्किलें बढेंगी। कई बार तकनीकी कारणों जैसे कि ब्रेक फेल होने की वजह से भी गाड़ी कंट्रोल में नहीं रह पाती और एक्सीडेंट हो जाता है। ड्राइवर्स किसी हादसे के बाद जुटी लोगों की भीड़ से डरकर भाग जाते हैं। ऐसे में इस नए कानून के तहत उन्हें ज्यादा सजा काटनी होगी। इसलिए ड्राइवर्स इस कानून का विरोध कर रहे हैं। 

क्या है अब तक का कानून?
इससे पहले  हिट एंड रन के मामलों में आईपीसी की धारा 279, 304ए, और 338 लगाई जाती थी। इनमें दो साल की सजा का सजा का प्रावधान था। इसलिए ड्राइवर हादसे होने की स्थिति में तुरंत गाड़ी को छोड़कर भाग जाया करते थे। ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने मंगलवार को नए कानून को फिलहाल प्रभावी करने से रोके जाने के बाद कहा हम सरकार के खिलाफ नहीं है। सरकार यह कानून अच्छी मंशा से ला रही है। हालांकि इस कानून में कई खामियां हैं। पहले सरकार को इन कमियों को दूर करना चाहिए। इसके बाद ही इसे लागू किया जाना चाहिए।