08:54 AM(2 years ago )
बिहार में भी भारत बंद का असर नजर आ रहा है। बिहार के जहानाबाद में दलित संगठनों के कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाइवे 83 को जाम कर दिया।
08:39 AM(2 years ago )
दिल्ली में आज भारत बंद का कोई खास असर नहीं दिख रहा है। दिल्ली के व्यापारिक संगठन CTI ने घोषणा की है कि दिल्ली के सभी 700 बाजार (Delhi markets open) सामान्य रूप से खुले रहेंगे। CTI के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कहा कि हमने अलग-अलग मार्केट एसोसिएशन के साथ बातचीत की, जिसमें सभी ने बंद का समर्थन नहीं करने का फैसला किया है। इसके अलावा, दिल्ली के 56 इंडस्ट्रियल एरिया भी खुले रहेंगे, जिससे बिजनेस पर बंद का कोई असर नहीं होगा।
08:37 AM(2 years ago )
झारखंड के गिरिडीह में भारत बंद का व्यापक प्रभाव देखा गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ लोगों में नाराजगी दिखी, और वे सड़कों पर उतर आए। सरकारी परिवहन (Public transport) सेवाएं यानी कि सरकारी बस सर्विस प्रभावित हुई हैं। लंबी दूरी की गाड़ियों की आवाजाही बंद हो गई है। गिरिडीह के बस स्टैंड पर सन्नाटा पसरा हुआ है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं ने सुबह से ही बंद को सफल बनाने की कोशिशें शुरू कर दी।
08:35 AM(2 years ago )
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में आज भारत बंद का असर दिखा। सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूल और कॉलेज बंद रहे। इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं। जिले के कोचिंग संस्थान, आंगनवाड़ी और पुस्तकालय भी बंद रहे। सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों को अपने संस्थानों में उपस्थिति दर्ज करनी पड़ी। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
08:34 AM(2 years ago )
राष्ट्रीय दलित और आदिवासी संगठनों के महासंघ (NACDAOR) ने भारत बंद के समर्थन में एक मांग-पत्र जारी किया है। उन्होंने [Supreme Court decision] को वापस लेने की मांग की है। NACDAOR ने अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए नए संसद अधिनियम की मांग की है, जिसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने सरकारी सेवाओं में SC/ST/OBC कर्मचारियों के जाति-आधारित आंकड़ों की तत्काल रिहाई की मांग की है।
08:33 AM(2 years ago )
बहुजन समाज पार्टी (BSP), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और चिराग पासवान की पार्टी सहित कई राजनीतिक दलों ने भारत बंद का समर्थन किया है। साथ ही, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को भी समर्थन मिला है। कांग्रेस सहित कुछ अन्य दलों के नेता भी इस बंद के समर्थन में हैं। हालांकि, कुछ राज्यों में बंद का असर व्यापक हो सकता है, लेकिन [emergency services] और आवश्यक सेवाएं चालू रहेंगी। सरकार ने कहा है कि सरकारी कार्यालय, बैंक, स्कूल और कॉलेज सामान्य रूप से कार्य करेंगे।