19 Dec 2023
फोटो क्रेडिट: Celiac disease
पेट दर्द, उल्टी, पेट का फूलना, कमजोरी, थकान और खून की कमी जैसे लक्षण सीलिएक डिज़ीज़ के मरीज़ों में नज़र आते हैं
सीलिएक रोग में व्यक्ति गेहूं में पाए जाने वाले 'ग्लूटेन' नामक प्रोटीन के प्रति एलर्जिक होता है
इस बीमारी में पाचनतंत्र गेहूं, आटा, सूजी या मैदे से बने किसी भी खाद्य पदार्थ को पचाने में असमर्थ हो जाता है
सीलिएक डिज़ीज़ ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है. ग्लूटेन जब आंतों में पहुंचता है, तो यह इम्यूनिटी के खिलाफ एंटीबॉडी के उत्पादन को बाधित करता है.
ये एंटीबॉडी छोटी आंत को डैमेज करता है जो भोजन को पचाने की क्षमता को कम कर देता है, जिससे शरीर में पोषण की कमी हो जाती है.
इस समस्या से महिलाओं को मिसकैरेज होने का खतरा भी रहता है.
इससे डायबिटीज़ टाइप-1, हार्ट अटैक और कॉर्डियोवैस्कुलर डिज़ीज होने का खतरा रहता है. इससे आंतों का कैंसर भी हो सकता है.
ब्लड टेस्ट, एंडोस्कोपी या बायोप्सी और जेनेटिक टेस्ट के ज़रिए इस बीमारी का पता लगाया जा सकता है
इसका कोई उपचार नहीं है. सप्लीमेंट्स के माध्यम से इस बीमारी को दूर करने की कोशिश की जाती है.
गेहूं के बजाय चावल, ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का जैसे मिलेट्स को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं
भोजन में प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों जैसे- दूध, दही, पनीर, अंडा, चिकन और मछली को मुख्य रूप से शामिल करें