21 February 2026 Ka Panchang: यहां पढ़ें शनिवार (21 फरवरी 2026) फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का पंचांग, शुभ मुहूर्त, तिथि शुभ योग; नक्षत्र और राहुकाल।

21 February 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 21 फरवरी 2026, शनिवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर 01:01 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ होगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।

तिथि, नक्षत्र और योग

  • तिथि: फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि आरंभ हो जाएगी।
  • नक्षत्र: रेवती नक्षत्र शाम 7 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। रेवती को शुभ और सौम्य नक्षत्र माना जाता है, जो यात्रा, पूजा और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल रहता है।
  • योग: शनिवार को दोपहर बाद 3 बजकर 51 मिनट तक शुभ योग का प्रभाव रहेगा। इस अवधि में नए कार्यों की शुरुआत, पूजन या मांगलिक कार्य करना हितकारी माना जाता है।

व्रत एवं धार्मिक महत्व
इस दिन वैनायकी श्री गणेश चतुर्थी व्रत रखा जाएगा। मान्यता है कि चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की पूजा करने से विघ्नों का नाश होता है और बुद्धि, विवेक तथा समृद्धि की प्राप्ति होती है।
सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेकर गणेश जी को दूर्वा, मोदक और लाल पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है। शाम के समय पुनः आरती कर प्रसाद वितरण किया जा सकता है।

21 फरवरी 2026 के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:24 से 6:14 तक
  • प्रातः संध्या: सुबह 5:49 से 7:03 तक
  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:29 से 1:15 तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:48 से 3:35 तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:39 से 7:04 तक

राहुकाल का समय (शहर अनुसार)

  • दिल्ली: सुबह 09:45 से 11:10 तक
  • मुंबई: सुबह 09:58 से 11:25 तक
  • चंडीगढ़: सुबह 09:47 से 11:12 तक
  • लखनऊ: सुबह 09:29 से 10:55 तक
  • भोपाल: सुबह 09:41 से 11:08 तक
  • कोलकाता: सुबह 08:58 से 10:24 तक
  • अहमदाबाद: सुबह 10:01 से 11:27 तक
  • चेन्नई: सुबह 09:26 से 10:54 तक

सूर्योदय और सूर्यास्त

  • सूर्योदय: सुबह 7:03 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 6:41 बजे

शनिवार का दिन शनि उपासना के साथ-साथ गणेश आराधना के लिए भी अनुकूल है। चतुर्थी तिथि और रेवती नक्षत्र का संयोग इस दिन को विशेष बना रहा है। जो लोग व्रत रख रहे हैं, वे संयम और श्रद्धा के साथ पूजा करें। ध्यान रखें कि शुभ मुहूर्त में कार्य प्रारंभ करना लाभकारी माना जाता है, जबकि राहुकाल से बचना चाहिए। सही समय पर किया गया संकल्प सकारात्मक परिणाम दे सकता है।